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कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Tue Apr 12, 2011 6:49 pm
by csahab
कोई सोया नहीं रात भर

जागती ऑंखें बताती हैं...कोई सोया नहीं रात भर,
याद करता रहा तारे गिन, वो रात भर ।
बिस्तर की सिलवटें कहती हैं...कोई सोया नहीं रात भर,
गिनते रहे करवटों का बदलना, वो रात भर ।
किताबों में रखे गुलाब बताते है...कोई सोया नहीं रात भर,
मुरझाये फूलों से पाते रहे खुश्बू का अहसास, वो रात भर ।
खतों कि सूखी स्याही बताती है…कोई सोया नहीं रात भर,
यादों के हर पल को शब्द बनाकर जागते रहे, वो रात भर ।
कमरे का स्याह रंग बताता है…कोई सोया नहीं रात भर,
ख़ामोशी पर भी आवाज़ का अहसास पाते रहे, वो रात भर
उनके साथ बिताये हर पल बताते हैं...कोई सोया नहीं रात भर,
उनकी छुअन का अहसास महसूस करता रहा, वो रात भर ।

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 4:08 pm
by yogendrarahul
sound's like a true lover lol...but anyway good writing !!

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 4:20 pm
by csahab
Thanks rahul

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 5:42 pm
by Saumya
this is beautiful
किताबों में रखे गुलाब बताते है...कोई सोया नहीं रात भर,
I remember lots of people who had saved their first roses in their books...

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 5:44 pm
by yogendrarahul
r u one of them ???

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 6:02 pm
by csahab
ya some time.

Thanks@samya

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Wed Apr 13, 2011 6:17 pm
by csahab
Sorry@saumya

Re: कोई सोया नहीं रात भर...

Posted: Thu Apr 14, 2011 8:44 pm
by vikram sharma
this is beautiful
किताबों में रखे गुलाब बताते है...कोई सोया नहीं रात भर,
I remember lots of people who had saved their first roses in their books...